केले के डंडे का रस

यह केले का पेड़ केले के तने (डंडे) सहित होता है | केले का पेड़ जो तने सहित शादी-विवाह में सजावट के लिए प्रयोग किया जाता है | केले के पेड़ के तने को लगभग 6 इंच लम्बा काटकर उसके हरे पत्ते उतार दें |  अंत में एक ट्यूब जैसा सफ़ेद सख्त डंडा (रोड) मिलेगा | उसको कदूकस करके निचोड़ने के बाद लगभग 50 ग्राम रस मिलेगा | इसको सफ़ेद पेठा का रस या हरा नारियल पानी में मिलाकर गुठ गुठ करके पी लें | यह अति षारिय तथा समस्त रोगो के लिए लाभकारी है | इसका जूस जूसर में नहीं निकालना, नहीं तो मिक्सी व् जूसर खराब हो जायेंगे | यहाँ यह लाभकारी होना आवश्यक है की केले के पेड़ पर एक बार ही फल आता है तथा फल आने के बाद ही उसके तने में से  सख्त डंडा नहीं निकलेगा | गुर्दे की पथरी, ह्रदय धमनियों की रूकावट (Heart Arteries Blockage) और शरीर में से स्टेरॉइड्स (Steroids) या नशे को निकालने के लिए विशेष उपयोगी है |

नोट :- उपरोक्त बताये गए सफ़ेद पेठा,केले का डंडा और हरा नारियल पानी साधारण सब्जी-फलो की दुकान में मिल जाती है | यदि उपलब्ध न हो तो किसी भी कच्ची सब्जी (मौसम के अनुसार) जैसे घीया (लौकी), पता गोभी, गाजर, मूली, शलगम, टमाटर, खीरा, ककड़ी, पालक, बथुआ, चैलाई, मेथी आदि के रस से काम बन जायेगा |

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